सरकार नई नेता नये, उनके सचिव सहयोगी सब नये। काम के तरीके और सिद्धान्त भी नये। पर हम तो वही हैं। हाथ पर हाथ रख अलसाने वाले, हर तमाशे को
‘लकीर-पिटेणी’ मात्र कहानी का ही शीर्षक नहीं बल्कि एक ऐसे व्यक्ति का उद्गार भी है, जो अपने समय का महान कर्मकाण्डी और ज्योतिषी था। बात बहुत पुरानी है। तब मैं
इस धरा पर अवतार धारण कर आयुर्वेद शास्त्र का अनुशासन
जब चुनाव की हूण बैठी ग्ये बात,फुलण बैठी सब्बी पार्टि्यूं
नगाधिराज हिमालय की गोद में बसा गढ़वाल उत्तराखण्ड आदिकाल से
मध्य हिमालय की गोद में बसा हुआ भूखण्ड गढ़वाल ख्याति
इन दिनों देश व राज्यों में चुनाव का समय आता
आज पंडित ब्रह्मानंद क चौक म तिरपाल छौ तड्यूं। द्वी