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केदारखण्ड के अंतर्गत बदरीनाथ मार्ग पर ‘पंच प्रयागों’ का महत्व-01

केदारखण्ड के अंतर्गत बदरीनाथ मार्ग पर ‘‘पंच प्रयागों’’ का महत्व

महाभारत में देवलोक अथवा देवभूमि का क्षेत्र, वहां से बताया गया है, जहां से पतित पावनी गंगा प्रारम्भ में अलकनन्दा के नाम से प्रचलित हैं। केदारखण्ड के अंतर्गत गढ़वाल भू-भाग

हदय रोग

हदय रोग

हमारे शरीर में स्थित मुट्ठी के आकार का हृदय एक मिनट में 70 से 75 बार धड़कता है और एक घंटे में लगभग 300 लीटर रक्त शरीर के अंग-प्रत्यंग में

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