जब चुनाव की हूण बैठी ग्ये बात,फुलण बैठी सब्बी पार्टि्यूं क खुला हाथ।सब्बी भाग-भागिक नि थकणा छन,अपण-अपण दांव लगाणा छन। छ्वीट जात्यिूं कु त वो ह्वे गै भगवान,अर गरीब थै
इस धरा पर अवतार धारण कर आयुर्वेद शास्त्र का अनुशासन करने वाले स्वनाम धन्य भगवान धन्वन्तरी के नाम का स्मरण करने से ही रोगियों के बड़े-बड़े रोग भी नष्ट हो