मध्य हिमालय की गोद में बसा हुआ भूखण्ड गढ़वाल ख्याति प्राप्त दिव्य एवं ऐतिहासिक प्राचीन मठ-मन्दिरों, हिमानी पर्वत शिखरों के मध्य स्थित अनेक रमणीक सरोवरों, जल-प्रपातों तथा आकर्षक गरम जल-धाराओं
सच बोलें तो दुनिया रूठे, झूठ कहें तो राम,सतपथ के अनुगामी का यहाँ जीना हुआ हराम। सच बोलें तो दुनिया कहती यह अनपढ़, पागल है,झूठ कहें तो दिल कहता है
यह रोग अपने आप में अत्यन्त कष्टकारी रोग है। इसका
सिन्धुदेशोद्भव आंगिरस गोत्रोत्पन्न भगवन गुरु-महर्षि कद्रू की तृतीय पुत्री श्रद्धा
नगाधिराज हिमालय की गोद में बसा गढ़वाल उत्तराखण्ड आदिकाल से
उद्योग विहीन पहाड़ों में आजीविका के दो ही साधन हैं,
कारण- विबन्ध (कब्ज) हमेशा पित्त की विकृति के कारण होता
कहीं थू-थू की रैली है, कहीं धिक्कार की रैली,कहीं त्रिशूल