बर्फ पर खेलने के शौकीन और हिमाच्छादित मनमोहक पहाड़ी ढलानों पर हिमपात का आनन्द उठाने वाले पर्यटकों के लिए गुलमर्ग तथा मनाली के बाद अब गढ़वाल क्षेत्र में हिमाच्छादित ‘औली’
देवात्मा हिमालय की गोद मे बसा उत्तराखण्ड गढव़ाल अनादिकाल से ही ऋषि-मुि नयाे एवं संत-महात्माओं की तपस्थली रहा है। कालान्तर मे इन तपस्थलियाे ने देश की भावात्मक एकता एवं अखण्डता