14.8 C
Dehradun
Thursday, December 1, 2022

डॉ0 आशा रावत, देहरादून

13 POSTS0 COMMENTS
एम.ए. (राजनीतिक विज्ञान, हिन्दी), बी.एड | पी.एच.डी.‘हिन्दी निबंधों में सामाजिक चेतना’ पर शोध।

खतरों की आहट – हिंदी व्यंग्य

कहते हैं भीड़ में बुद्धि नहीं होती। जनता जब सड़क पर उतर कर भीड़ बन जाये तो उसकी रही सही बुद्धि भी चली जाती...

नतमस्तक – हिंदी व्यंग्य

अपनी सरकारों की चुस्त कार्यप्रणाली को देख कर एक विज्ञापन की याद आ जाती है, जिसमें बिस्किट के स्वाद में तल्लीन एक कम्पनी मालिक...

वन-वे-ट्रैफिक – हिंदी कहानी

हम उस देश के वासी हैं,जो अनेकता में एकता की बेमिसाल मिसाल है। हम भारत वासी एकजुट होकर रहना जानते हैं, इसलिए हमारे ब्लाक...

चूल्लू भर पानी

दोस्तो, आज मैं आपको एक ऐसे दफ्तर ले चलती हूँ, जहाँ एक चूहा मुजरिम के कटघरे में खड़ा सज़ा-ए-मौत की प्रतीक्षा कर रहा है। कहने...

डॉक्टर झटका – हिन्दी कहानी

मेरे शहर में एक चिकित्सक हैं - डॉक्टर झटका। जी नहीं, वह बाल-पत्रिका ‘लोटपोट’ वाले डॉक्टर झटका नहीं हैं पर शायद अंतर्मन में उनसे...

गुड़ मीठा है – हिन्दी कहानी

किशोरावस्था के दौरान जब मेरे मन की मिट्टी में कविता (उस समय देशभक्ति से संबंधित) के बीज अंकुरित हुए ही थे कि एक शाम...

मुख्य धारा के साथ – कहानी

दोस्तो, आज मैं आपको एक ऐसे युवक की सच्ची कहानी सुना रही हूँ, जो एक सरकारी महकमे में नया-नया अफसर बनकर आया है और...

हमारे महान संत गुरु

मानव जन्म हीरे-सा अनमोल है, जिसे स्वार्थी व्यक्ति भौतिक प्रगति की सीढ़ियां चढ़ने में व्यर्थ गंवाता है। इसे तराश कर चमकाने का काम गुरु...

Latest Articles

खतरों की आहट – हिंदी व्यंग्य

कहते हैं भीड़ में बुद्धि नहीं होती। जनता जब सड़क पर उतर कर भीड़ बन जाये तो उसकी रही सही बुद्धि भी चली जाती...

नतमस्तक – हिंदी व्यंग्य

अपनी सरकारों की चुस्त कार्यप्रणाली को देख कर एक विज्ञापन की याद आ जाती है, जिसमें बिस्किट के स्वाद में तल्लीन एक कम्पनी मालिक...

कुम्भ महापर्व 2021 हरिद्वार

कुंभ महापर्व भारत की समग्र संस्कृति एवं सभ्यता का अनुपम दृश्य है। यह मानव समुदाय का प्रवाह विशेष है। कुंभ का अभिप्राय अमृत कुंभ...

तक्र (मट्ठे) के गुण, छाछ के फायदे

निरोगता रखने वाले खाद्य-पेय पदार्थों में तक्र (मट्ठा) कितना उपयोगी है इसको सभी जानते हैं। यह स्वादिष्ट, सुपाच्य, बल, ओज को बढ़ाने वाला एवं...

महा औषधि पंचगव्य

‘धर्मार्थ काममोक्षणामारोण्यं मूलमुन्तमम्’ इस शास्त्रोक्त कथन के अनुसार धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष हेतु आरोग्य सम्पन्न शरीर की आवश्यकता होती है। पंचगव्य एक ऐसा...