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Wednesday, May 25, 2022

श्री जगदीश देवरानी, नजीबाबाद

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सन् 1955 से हिन्दी एवं गढ़वाली में लेखन कार्य

‘गूंगकि बलि’ – गढ़वाली कहानी

आज पंडित ब्रह्मानंद क चौक म तिरपाल छौ तड्यूं। द्वी चार कुर्सि अर कुछ चारपायूं म दरि बिछै कि बैठक सजई छै। बैठक म...

अपणु खून – गढ़वाली कहानी

गौं कु हरि सिंह कति दिन से बीमार छौ। आज वेकि हालत कुछ जादा ही खराब छै। कुछ लोगु क नजर म त वू...

सुंदरा बौ – गढ़वाली कहानी

जथौ नाम तथौ गुण की या सौगात, भगवान कै बिरल तैं ही दींद, निथर जादातर मनिख्यूं क नाम अर गुणों म विरोधाभाष ही मिलद।...

तिसाळि नदी – गढ़वाली कहानी

ये वैज्ञानिक युग म भलै क्वी भाग्य तैं नि मानों पंणि मनिखि ही न, धरती कू हर जीव, भाग्य क हाथ कू एक खिलौना...

भाग्य की भताक – गढ़वाली कहानी

अपंणि-अपंणि समझ क अनुसार मनिख्यूंन भाग्य कू नामकरण कैर। कैन वेतैं समैं नाम दे, त कैन संयोग बोलि। कुछ बुद्धिजीव्यूं न वेकु तैं अदृश्य...

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खतरों की आहट – हिंदी व्यंग्य

कहते हैं भीड़ में बुद्धि नहीं होती। जनता जब सड़क पर उतर कर भीड़ बन जाये तो उसकी रही सही बुद्धि भी चली जाती...

नतमस्तक – हिंदी व्यंग्य

अपनी सरकारों की चुस्त कार्यप्रणाली को देख कर एक विज्ञापन की याद आ जाती है, जिसमें बिस्किट के स्वाद में तल्लीन एक कम्पनी मालिक...

कुम्भ महापर्व 2021 हरिद्वार

कुंभ महापर्व भारत की समग्र संस्कृति एवं सभ्यता का अनुपम दृश्य है। यह मानव समुदाय का प्रवाह विशेष है। कुंभ का अभिप्राय अमृत कुंभ...

तक्र (मट्ठे) के गुण, छाछ के फायदे

निरोगता रखने वाले खाद्य-पेय पदार्थों में तक्र (मट्ठा) कितना उपयोगी है इसको सभी जानते हैं। यह स्वादिष्ट, सुपाच्य, बल, ओज को बढ़ाने वाला एवं...

महा औषधि पंचगव्य

‘धर्मार्थ काममोक्षणामारोण्यं मूलमुन्तमम्’ इस शास्त्रोक्त कथन के अनुसार धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष हेतु आरोग्य सम्पन्न शरीर की आवश्यकता होती है। पंचगव्य एक ऐसा...