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Wednesday, May 25, 2022

शाह आलम

बचाओ लाख दिल को, पर मौहब्बत हो ही जाती है – ग़ज़ल

बचाओ लाख दिल को, पर मौहब्बत हो ही जाती है। नज़र आखिर नज़र है यह शरारत हो ही जाती है।। सफ़र इस ज़िन्दगी का तय अकेले...

बेवजह दिल न किसी का दुखाया जाय – ग़ज़ल

बेवजह दिल न किसी का दुखाया जाय। तितली को फूल से हरगिज न उड़ाया जाये।। प्यार ही प्यार हो नफरत न जहां हो कोई। दोस्तों एक शहर...

महकी हुई हवाओं की मानिन्द आ गए – ग़ज़ल

महकी हुई हवाओं की मानिन्द आ गए। चुपके से आए, आके ख्यालों पे छा गए।। हलचल सी एक होने लगी है वजूद में। सोई हुई ख्वाहिश फिर...

अफ़सोस ज़िन्दगी के सहारे नहीं रहे – ग़ज़ल

अफ़सोस ज़िन्दगी के सहारे नहीं रहे। कल तक थे जो हमारे, हमारे नहीं रहे। कैसे कहेंगे अपना उन्हें पहले की तरह। उनकी नज़र में अब वो इशारे...

लौटकर आ गये हम अपने आशियाने में – ग़ज़ल

लौटकर आ गये हम अपने आशियाने में। अपना साथी न रहा अब कोई ज़माने में।। अब तो लगती हैं बहारें भी खि़ज़ॉ की मानिन्द।1 दिल बहलता नहीं...

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खतरों की आहट – हिंदी व्यंग्य

कहते हैं भीड़ में बुद्धि नहीं होती। जनता जब सड़क पर उतर कर भीड़ बन जाये तो उसकी रही सही बुद्धि भी चली जाती...

नतमस्तक – हिंदी व्यंग्य

अपनी सरकारों की चुस्त कार्यप्रणाली को देख कर एक विज्ञापन की याद आ जाती है, जिसमें बिस्किट के स्वाद में तल्लीन एक कम्पनी मालिक...

कुम्भ महापर्व 2021 हरिद्वार

कुंभ महापर्व भारत की समग्र संस्कृति एवं सभ्यता का अनुपम दृश्य है। यह मानव समुदाय का प्रवाह विशेष है। कुंभ का अभिप्राय अमृत कुंभ...

तक्र (मट्ठे) के गुण, छाछ के फायदे

निरोगता रखने वाले खाद्य-पेय पदार्थों में तक्र (मट्ठा) कितना उपयोगी है इसको सभी जानते हैं। यह स्वादिष्ट, सुपाच्य, बल, ओज को बढ़ाने वाला एवं...

महा औषधि पंचगव्य

‘धर्मार्थ काममोक्षणामारोण्यं मूलमुन्तमम्’ इस शास्त्रोक्त कथन के अनुसार धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष हेतु आरोग्य सम्पन्न शरीर की आवश्यकता होती है। पंचगव्य एक ऐसा...