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Wednesday, May 25, 2022

श्री राधाकृष्ण वैष्णव

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श्री राधाकृष्ण वैष्णव, नन्दप्रयाग | स्वतंत्रता संग्राम पत्रकार | सात दशकीय पत्रकारिता/साहित्य लेखन

उत्तराखण्ड के विकास में पत्रों एवं पत्रकारों की भूमिका

वर्तमान युग में समाचार-पत्र तथा पत्रकार समाज के प्रमुख अंग माने जाते हैं। यूरोपीय विद्वत-समाज में फ्रांसीसी राज्य क्रान्ति के बाद सत्ता के तीन...

रामकथा का श्रोत – ‘काकभुशुण्डि झील’

किंवदन्ती है कि श्रीराम-रावण युद्ध के समय मेघनाथ ने श्रीराम को नागपाश में बांध दिया। आकाश से युद्ध का अवलोकन कर रहे नारद जी...

‘औली’ स्कीइंग प्रेमियों का नया विकासोन्मुख क्रीड़ा स्थल

बर्फ पर खेलने के शौकीन और हिमाच्छादित मनमोहक पहाड़ी ढलानों पर हिमपात का आनन्द उठाने वाले पर्यटकों के लिए गुलमर्ग तथा मनाली के बाद...

उत्तराखण्ड के हिमानी धामों (चार धाम) की यात्रा

देवात्मा हिमालय की गोद में बसा उत्तराखण्ड गढ़वाल अनादिकाल से ही ऋषि-मुनियों एवं संत-महात्माओं की तपस्थली रहा है। कालान्तर में इन तपस्थलियों ने देश...

रूपकुंड में सिमटा है एक रहस्यमय इतिहास

गढ़वाल हिमालय के अंतर्गत अनेक सुरम्य ऐतिहासिक स्थल हैं जिनकी जितनी खोज की जाय उतने ही रहस्य सामने आ जाते हैं। इन आकर्षक एवं...

बद्री-केदार की पौराणिक मान्यताएं

प्राचीन समय में हिमालय के इन तीर्थ स्थानों की यात्रा इतनी कठिन एवं कष्टप्रद होती थी कि शायद कम ही व्यक्ति इन तीर्थों की...

केदारखण्ड के अंतर्गत बदरीनाथ मार्ग पर ‘पंच प्रयागों’ का महत्व

महाभारत में देवलोक अथवा देवभूमि का क्षेत्र, वहां से बताया गया है, जहां से पतित पावनी गंगा प्रारम्भ में अलकनन्दा के नाम से प्रचलित...

श्रद्धा के द्वार बदरीनाथ व केदारनाथ

नगाधिराज हिमालय की गोद में बसा गढ़वाल उत्तराखण्ड आदिकाल से ही ऋषि-मुनियों एवं संत महात्माओं की तपस्थली रही है। कालान्तर में इन तपस्थलियों ने...

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खतरों की आहट – हिंदी व्यंग्य

कहते हैं भीड़ में बुद्धि नहीं होती। जनता जब सड़क पर उतर कर भीड़ बन जाये तो उसकी रही सही बुद्धि भी चली जाती...

नतमस्तक – हिंदी व्यंग्य

अपनी सरकारों की चुस्त कार्यप्रणाली को देख कर एक विज्ञापन की याद आ जाती है, जिसमें बिस्किट के स्वाद में तल्लीन एक कम्पनी मालिक...

कुम्भ महापर्व 2021 हरिद्वार

कुंभ महापर्व भारत की समग्र संस्कृति एवं सभ्यता का अनुपम दृश्य है। यह मानव समुदाय का प्रवाह विशेष है। कुंभ का अभिप्राय अमृत कुंभ...

तक्र (मट्ठे) के गुण, छाछ के फायदे

निरोगता रखने वाले खाद्य-पेय पदार्थों में तक्र (मट्ठा) कितना उपयोगी है इसको सभी जानते हैं। यह स्वादिष्ट, सुपाच्य, बल, ओज को बढ़ाने वाला एवं...

महा औषधि पंचगव्य

‘धर्मार्थ काममोक्षणामारोण्यं मूलमुन्तमम्’ इस शास्त्रोक्त कथन के अनुसार धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष हेतु आरोग्य सम्पन्न शरीर की आवश्यकता होती है। पंचगव्य एक ऐसा...