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Thursday, December 1, 2022
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कार्तिक पूर्णिमा का महत्व

आर्यावर्त (भारतवर्ष) उत्सव प्रधान देश है। प्रत्येक वर्ष में छ: ऋतुओं में ऋतु परिवर्तन के अवसर पर विभिन्न उत्सव जैसे वसंतोत्सव, शरदोत्सव, ग्रीष्मोत्सव आदि...

आत्मा, ऐश्वर्य और प्रभाव का प्रतीक ग्रह ‘सूर्य’

‘प्रत्यक्षं देवता सूर्यो जगच्चक्षुः दिवाकरः।’ सूर्य-ब्रह्माण्ड गोलक का अधिपति है। पृथ्वी का सौरमण्डल सूर्य द्वारा ही संचालित व नियंत्रित है। जितने भी ग्रह, नक्षत्र, योग,...

साहस अधिकार पराक्रम का प्रतीक ग्रह मंगल

मंगल ग्रह जगतपालक विष्णु व पृथ्वी के संयोग का फल है। एक बार मंगल की मातेश्वरी पृथ्वी, भगवान विष्णु पर मुग्ध हो गई थी...

गंभीरता, विवेकशक्ति का प्रतीक ग्रह बुध

गंभीरता, विवेकशक्ति का प्रतीक ग्रह बुध, देवगुरु बृहस्पति की धर्मपत्नी तारादेवी का पुत्र है। चन्द्र व तारा के संयोग के फलस्वरूप जारज रूप में...

आध्यात्मवाद, हृदयवल बड़प्पन का प्रतीक ग्रह बृहस्पति

सिंधुदेशोद्भव आंगीरस गोत्रोत्पन्न भगवन गुरु-महर्षि कर्दम की तृतीय पुत्री श्रद्धा देवी का पुत्र है। इनके पितृवर महर्षि अंगिरा जी हैं। इनका जन्म वृहस्पति है।...

सांसारिक-सुख, कला, चतुराई का प्रतीक ग्रह: शुक्र

ऊँ0 भूर्भुवः स्व0 भोजकट देशाद्भव भार्गव गोत्रोत्पन्न भगवन शुक्र के अवतरण पर ब्रह्मचक्र त्वरित गति से विशिष्ट स्थिति में गतिशील था। तुला लग्न उदित...

लोक उपेक्षित ग्रह – शनि

शनिदेव - देवाधिदेव आदित्य व उनकी प्रेमिका छाया देवी के पुत्र हैं। पितृवर सूर्य ने अपने दुष्पाप कर्म को आवृत्त करने के लिए शनि...

हृदय अनुभूति व भावना का प्रतीक गृह ‘चन्द्र’

यमुनातीरोद्भव आत्रेय गोत्र सोम (चन्द्र) महर्षि अत्रि और साध्वी अनुसूया देवी की तृतीय संतति हैं। एक समय त्रिदेवों (विष्णु, शिव और ब्रह्मा) ने साध्वी...

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