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Thursday, September 29, 2022

ग़ज़ल

बचाओ लाख दिल को, पर मौहब्बत हो ही जाती है – ग़ज़ल

बचाओ लाख दिल को, पर मौहब्बत हो ही जाती है। नज़र आखिर नज़र है यह शरारत हो ही जाती है।। सफ़र इस ज़िन्दगी का तय अकेले...

बेवजह दिल न किसी का दुखाया जाय – ग़ज़ल

बेवजह दिल न किसी का दुखाया जाय। तितली को फूल से हरगिज न उड़ाया जाये।। प्यार ही प्यार हो नफरत न जहां हो कोई। दोस्तों एक शहर...

वहां जो बैठे हैं सत्ता के मद में होकर चूर – ग़ज़ल

वहां जो बैठे हैं सत्ता के मद में होकर चूर । समझ लें वो कि जरूरी नहीं, हो दिल्ली...

महकी हुई हवाओं की मानिन्द आ गए – ग़ज़ल

महकी हुई हवाओं की मानिन्द आ गए। चुपके से आए, आके ख्यालों पे छा गए।। हलचल सी एक होने लगी है वजूद में। सोई हुई ख्वाहिश फिर...

अफ़सोस ज़िन्दगी के सहारे नहीं रहे – ग़ज़ल

अफ़सोस ज़िन्दगी के सहारे नहीं रहे। कल तक थे जो हमारे, हमारे नहीं रहे। कैसे कहेंगे अपना उन्हें पहले की तरह। उनकी नज़र में अब वो इशारे...

लौटकर आ गये हम अपने आशियाने में – ग़ज़ल

लौटकर आ गये हम अपने आशियाने में। अपना साथी न रहा अब कोई ज़माने में।। अब तो लगती हैं बहारें भी खि़ज़ॉ की मानिन्द।1 दिल बहलता नहीं...

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