22.2 C
Dehradun
Wednesday, May 25, 2022
Home उत्तराखंड दर्पण

उत्तराखंड दर्पण

कुम्भ महापर्व 2021 हरिद्वार

कुंभ महापर्व भारत की समग्र संस्कृति एवं सभ्यता का अनुपम दृश्य है। यह मानव समुदाय का प्रवाह विशेष है। कुंभ का अभिप्राय अमृत कुंभ...

फूलों की घाटी का नैसर्गिक सौंदर्य

उत्तराखण्ड के सौंदर्य की तुलना विदेशी पर्यटकों ने स्विट्जरलैण्ड से की है। विश्व विख्यात पर्वतारोही डॉ0 टी0जी0 लौंगस्टाफ तो यहां तक कह गये हैं...

रुद्रनाथ: पंचकेदार के अंतर्गत रमणीक, तीर्थ एवं पर्यटक स्थल

हिमालय की गोद में अनेक स्थानों पर अद्भुत शिवालय व मंदिर स्थित हैं। इनमें एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक ‘पंच केदार’ के अंतर्गत शिवालय है ‘रुद्रनाथ’,...

रामकथा का श्रोत – ‘काकभुशुण्डि झील’

किंवदन्ती है कि श्रीराम-रावण युद्ध के समय मेघनाथ ने श्रीराम को नागपाश में बांध दिया। आकाश से युद्ध का अवलोकन कर रहे नारद जी...

‘औली’ स्कीइंग प्रेमियों का नया विकासोन्मुख क्रीड़ा स्थल

बर्फ पर खेलने के शौकीन और हिमाच्छादित मनमोहक पहाड़ी ढलानों पर हिमपात का आनन्द उठाने वाले पर्यटकों के लिए गुलमर्ग तथा मनाली के बाद...

उत्तराखण्ड के हिमानी धामों (चार धाम) की यात्रा

देवात्मा हिमालय की गोद में बसा उत्तराखण्ड गढ़वाल अनादिकाल से ही ऋषि-मुनियों एवं संत-महात्माओं की तपस्थली रहा है। कालान्तर में इन तपस्थलियों ने देश...

रूपकुंड में सिमटा है एक रहस्यमय इतिहास

गढ़वाल हिमालय के अंतर्गत अनेक सुरम्य ऐतिहासिक स्थल हैं जिनकी जितनी खोज की जाय उतने ही रहस्य सामने आ जाते हैं। इन आकर्षक एवं...

बद्री-केदार की पौराणिक मान्यताएं

प्राचीन समय में हिमालय के इन तीर्थ स्थानों की यात्रा इतनी कठिन एवं कष्टप्रद होती थी कि शायद कम ही व्यक्ति इन तीर्थों की...

केदारखण्ड के अंतर्गत बदरीनाथ मार्ग पर ‘पंच प्रयागों’ का महत्व

महाभारत में देवलोक अथवा देवभूमि का क्षेत्र, वहां से बताया गया है, जहां से पतित पावनी गंगा प्रारम्भ में अलकनन्दा के नाम से प्रचलित...

श्रद्धा के द्वार बदरीनाथ व केदारनाथ

नगाधिराज हिमालय की गोद में बसा गढ़वाल उत्तराखण्ड आदिकाल से ही ऋषि-मुनियों एवं संत महात्माओं की तपस्थली रही है। कालान्तर में इन तपस्थलियों ने...

सिखों व हिन्दुओं का मानसरोवर है: हेमकुण्ड-लोकपाल

मध्य हिमालय की गोद में बसा हुआ भूखण्ड गढ़वाल ख्याति प्राप्त दिव्य एवं ऐतिहासिक प्राचीन मठ-मन्दिरों, हिमानी पर्वत शिखरों के मध्य स्थित अनेक रमणीक...

उत्तराखण्ड में प्रस्फुटित अध्यात्म विज्ञान एवं साधना के विविध रूप

हिमगिरि के उत्तुंग शिखर पर, बैठ शिला की शीतल छांह। एक पुरुष भीगे नयनों से,देख रहा था प्रलय प्रवाह।। (कामायनी) उपर्युक्त काव्य धारा के कल्पनाजनित विश्वास...

Recent Stories